मंत्री का बेटा
बड़े बाप का बेटा सचमुच बड़ा होता है|हकीकत तो यह है कि बड़े बाप का बेटा उस व्यक्ति से भी बड़ा होता है जिसका वह बेटा है|वह किसी को भी अपनी गाड़ी से कुचल सकता है,बार में शराब न मिलने पर किसी को भी गोली मार सकता है,शराब पीकर अपनी आवारा मित्र मंडली के साथ गाड़ी में घूमना उसका जन्मसिद्ध अधिकार है|
बड़े लोगों में भी यदि बात मंत्री के बेटे कि करें तो उसका कोई जोड़ नहीं|मंत्री का बेटा होने के कई ऐसे फायदे हैं जो किसी और का बेटा होने में कतई नहीं हैं|जिस तरह अर्जुन का पुत्र गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने की कला सीख गया था,मंत्री का बेटा राजनीति के दांव-पेंच सीख जाता है|मंत्री-पुत्र होना बड़े सौभाग्य की बात है|मंत्री का बेटा पैदायशी मंत्री होता है अगर नहीं तो पिता के चमचे उसे मंत्री बना देंगे|चाहे वो पढ़े या न पढ़े उसकी ख्याति में कोई कमी नही आती|अगर न पढ़े तो कोई बात नहीं और यदि पढ़े तो ऑक्सफोर्ड,कैम्ब्रिज से कम उसके लिए विश्वविद्यालय नहीं|वह अपने देश में भी घूमना पसंद नहीं करता,वह अमेरिका,ब्रिटेन,थाईलैंड,मलेशिया या सिंगापुर का रास्ता देखता है|अगर मंत्री पुत्र ने किसी लड़की को छेड़ दिया या किसी को अपनी कार तले रौंद भी दिया तो पुलिस उसे छू भी नहीं सकती,अगर पकड़ भी ले तो तत्काल ऊपर से फ़ोन आ जाता है|बात यहीं नहीं रूकती,पुलिस को उसे पकड़ने का प्रायश्चित भी करना पड़ सकता है|मंत्री पुत्र को नौकरी की आवश्यकता नहीं होती है|वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालता है|लोगों को अगर कोई काम हो तो वे पहले पुत्र के पास जाते हैं फिर पिता के|मंत्री पुत्र की माया अपरम्पार होती है|वह अपने पिता की करसी बरक़रार रखने के लिए बेकार एवं बेरोजगार मित्रों की टोली बनाकर समाज कल्याण के काम करता है|इस बात में यह कोई महत्त्व नहीं रखता की वह मंत्री किस विभाग का है|ये भी मायने नहीं रखता की मंत्री केंद्रीय मंत्री है या राज्य मंत्री है|कमोबेश सबका यही हाल है|
भगवान सभी को मंत्री पुत्र होने का सुख प्रदान करें,यही मेरी कामना है|
अरुण सरोहा
हिंदी पत्रकारिता
दिल्ली विश्वविद्यालय|
बड़े बाप का बेटा सचमुच बड़ा होता है|हकीकत तो यह है कि बड़े बाप का बेटा उस व्यक्ति से भी बड़ा होता है जिसका वह बेटा है|वह किसी को भी अपनी गाड़ी से कुचल सकता है,बार में शराब न मिलने पर किसी को भी गोली मार सकता है,शराब पीकर अपनी आवारा मित्र मंडली के साथ गाड़ी में घूमना उसका जन्मसिद्ध अधिकार है|
बड़े लोगों में भी यदि बात मंत्री के बेटे कि करें तो उसका कोई जोड़ नहीं|मंत्री का बेटा होने के कई ऐसे फायदे हैं जो किसी और का बेटा होने में कतई नहीं हैं|जिस तरह अर्जुन का पुत्र गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने की कला सीख गया था,मंत्री का बेटा राजनीति के दांव-पेंच सीख जाता है|मंत्री-पुत्र होना बड़े सौभाग्य की बात है|मंत्री का बेटा पैदायशी मंत्री होता है अगर नहीं तो पिता के चमचे उसे मंत्री बना देंगे|चाहे वो पढ़े या न पढ़े उसकी ख्याति में कोई कमी नही आती|अगर न पढ़े तो कोई बात नहीं और यदि पढ़े तो ऑक्सफोर्ड,कैम्ब्रिज से कम उसके लिए विश्वविद्यालय नहीं|वह अपने देश में भी घूमना पसंद नहीं करता,वह अमेरिका,ब्रिटेन,थाईलैंड,मलेशि
भगवान सभी को मंत्री पुत्र होने का सुख प्रदान करें,यही मेरी कामना है|
अरुण सरोहा
हिंदी पत्रकारिता
दिल्ली विश्वविद्यालय|

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