आरक्षण एक लोलीपॉप
आरक्षण से तो आप सभी अवगत होंगे|वैसे कहने को तो भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है परन्तु वास्तविकता कुछ और ही है|इतिहास गवाह है की धर्म और जाति के नाम पर मीठी -मीठी बातें भी हुईं और धर्म-जाति के ही नाम पर लोगों को मारा काटा भी गया|राजनीतिक रोटियां अगर सेंकनी हों तो धर्म-जाति से बढ़िया तवा आपको संसार में नहीं मिलेगा|कुछ लोग ये नहीं चाहते की देश में अमन चैन रहे|इसलिए ये चंद लोग आये दिन धर्म या जाति को अपना औज़ार बनाते हैं|एक तरफ तो सरकार धर्मनिरपेक्षता की बात करती है,सबको समान अधिकारों की बात करती है परन्तु दूसरी तरफ जाति के ही नाम पर आरक्षण देती है ताकि ये जाति व्यवस्था कायम रहे और वो इसे लोलीपॉप की तरह कभी इसके हाथ में तो कभी उसके हाथ में देती रहे|माना के दबेकुच्ले हुए लोगों को आगे लाना कोई बुरी बात नहीं परन्तु क्या इसकी कीमत सामान्य जाति के लोगों को इतनी ज्यादा चुकानी पड़े की उनका जीना तक मुहाल हो जाए,क्या ये न्यायसंगत है?
अगर सीटों के आरक्षित होने की बात करें तो वह व्यक्ति अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर तो दावा कर ही कर सकता है बल्कि सामान्य पर भी दावा ठोंक सकता है|अगर उसके सामान्य वर्ग के कट-ऑफ के बराबर अंक आ गए तब वह सामान्य वर्ग में आ जाएगा और सामान्य वर्ग की एक सीट हथिया लेगा जबकि जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग का है वह किसी और सीट पर अपना दावा पेश नहीं कर सकता,इस से भी सामान्य वर्ग की पतली हालत का अनुमान लगाया जा सकता है|तभी तो यह मांग भी उठ रही है की जैसे सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं उसी तरह सामान्य वर्ग के लिए जो सीटें हैं वो भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दी जाएँ ताकि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कुछ तो राहत हो|
दूसरा,जैसे अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए"क्रीमी लेयर" का प्रावधान है उसी तरह अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए भी यह रूल बने|क्यों वे एक के बाद एक इसका लाभ उठायें|अनुसूचित जाति के एक राजपत्रित अधिकारी का बेटा क्यों क्रीमी लेयर में न आये जबकि उसपर वो सारे मापदंड खरे उतारते हैं जो उसे क्रीमी लेयर में आने देने के लिए पर्याप्त हैं|अगर सामान्य वर्गों के साथ इसी तरह बर्ताव होता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब सामान्य और गरीब परिवार में पैदा हुए बच्चे पर ख़ुशी नहीं मातम मनाया जाएगा|
अरुण सरोहा
हिंदी पत्रकारिता
दिल्ली विश्वविद्यालय|
अरुण सरोहा
हिंदी पत्रकारिता
दिल्ली विश्वविद्यालय|

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